शिक्षकों के साथ भेदभाव ,कोरोना काल में ड्यूटी के बाद भी किसी भी शिक्षक का नही हुआ सम्मान नवीन शिक्षक संघ धमधा ने दर्ज कराया विरोध
धमधा। विकासखंड धमधा के स्कूलों से बहुत से शिक्षकों की ड्यूटी टीकाकरण सहित अन्य कोविड 19 सम्बन्धी स्वास्थ्य विभाग में ड्यूटी लगाई गई थी जिसमें धमधा ब्लॉक के ही लगभग 26 शिक्षकों की मृत्यु कोरोना संक्रमण काल मे हुई है।इसके बावजूद आज भी बहुत से शिक्षक स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर टीकाकरण कार्य में बखूबी अपनी जिम्मेदारियों का वहन करते हुये अपनी ड्यूटी निभा रहे है। परंतु बहुत दुख का विषय है कि धमधा एसडीएम कार्यालय द्वारा 15 अगस्त को जब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों सहित पंचायत, राजस्व,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीयों को बुलाकर उनका ब्लॉक स्तरीय सम्मान किया गया और शिक्षकों की पूर्णरूपेण उपेक्षा की गई,जिसके फलस्वरूप शिक्षकों में इस बात को लेकर काफी रोष है। नवीन शिक्षक संघ धमधा ब्लॉक के अध्यक्ष संजय शर्मा द्वारा शिक्षकों की इस प्रकार से की गई अवमानना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए आज धमधा ब्लॉक के शिक्षा अधिकारी श्री ए.के.खरे को शिक्षकों की टीकाकरण सम्बन्धी व अन्य संलग्न ड्यूटी को तुरंत समाप्त कर उन्हें स्कूल भेजे जाने हेतु प्रतिवेदन सौंपा गया। साथ ही इस बात पर भी चर्चा की गई कि जहाँ शिक्षक पूरी लगन के साथ काम करें और उन्हें सम्मान न मिले ऐसी ड्यूटी उनकी भविष्य में कही पर भी न लगाई जावें।सचिव प्रदीप राजपूत व मीडिया प्रभारी उमेश सोनी ने कोरोना वारियर्स के रूप में शिक्षको को राज्य शासन द्वारा नही मानने का विरोध करते हुए कहा है कि कोरोना संक्रमण काल मे प्रदेश के शिक्षक संवर्ग अपने सेहत व जान की परवाह किये बिना स्वास्थ्य विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर लगातार कार्य किया गया लेकिन जब सम्मान की बारी आई तो शिक्षक संवर्ग के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार किया गया, नवीन शिक्षक संघ धमधा ने भेदभाव पूर्ण व्यवहार करने पर विभाग के माध्यम से विरोध दर्ज कराया है और मांग किया है कि शिक्षको को गैर शिक्षकीय कार्य मे संलग्न न किया जाय।
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