27 अगस्त से शिक्षकों का अनिश्चितकालीन आंदोलन, शिक्षामंत्री निवास के सामने डालेंगे डेरा



TET से राहत, पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर शिक्षक साझा मंच का ऐलान

दुर्ग - शिक्षक साझा मंच के धमधा ब्लॉक संचालक संजय शर्मा व उत्तम ठाकुर ने बताया की छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत, प्रदीप पाण्डेय, लैलून भारद्वाज, भूपेंद्र बनाफर के नेतृत्व मे 27 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन के तहत प्रदेशभर के शिक्षक शिक्षामंत्री के दुर्ग स्थित निवास के सामने डेरा डालकर अपनी मांगों के निराकरण की मांग करेंगे। वहीं बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग के शिक्षक मुख्यमंत्री निवास बगिया पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे।

ओम प्रकाश टिकरिहा का कहना है की प्रमुख मुद्दा सेवारत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से राहत प्रदान करना तथा पूर्व में प्रचलित नियमों के अनुसार वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देना है। संजय शर्मा का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की वरिष्ठता और पदोन्नति को बाद में लागू किए गए नियमों के कारण प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।

उत्तम ठाकुर ने वेतन विसंगति दूर करने, पूर्व सेवा अवधि की गणना कर सेवा एवं वित्तीय लाभ प्रदान करने तथा शिक्षक संवर्ग के हित में विसंगतिपूर्ण नियमों में आवश्यक सुधार करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। 

नियमों में बीच रास्ते बदलाव पर अनिल मार्कण्डेय का सवाल

अनिल मार्कण्डेय का कहना है कि नियुक्ति और सेवा के दौरान जो नियम लागू थे, उनके आधार पर उन्होंने वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं। अब पदोन्नति के समय नई शर्तें लागू करने से हजारों शिक्षकों के भविष्य और वरिष्ठता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वही प्रदीप राजपूत व उमेश सोनी ने इसी मुद्दे को लेकर सरकार से पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।

27 अगस्त से आर-पार की लड़ाई

शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया है कि 27 अगस्त से शुरू होने वाला आंदोलन मांगों के समाधान तक जारी रखने की तैयारी है। इससे पहले प्रदेश के 146 विकासखंडों में शिक्षकों ने रैली, धरना और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाया है।

शिक्षकों का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा, सम्मान, वरिष्ठता, पदोन्नति और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा सामूहिक संघर्ष है। मंच ने प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों और शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया है आज इसी संबंध मे धमधा विकासखंड शिक्षाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर धमधा विकासखंड मे कार्यरत शिक्षक 27 से अनिश्चितकालीन आंदोलन शामिल होंगे की सूचना दिया गया।

प्रदेश संचालक शिक्षक साझा मंच विकास सिंह राजपूत ने दो टूक कहा है कि TET से राहत, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति और वेतन विसंगति सहित प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय होने तक संघर्ष जारी रहेगा। अब 27 अगस्त से शुरू होने वाले इस अनिश्चितकालीन आंदोलन पर शासन की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। 

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